भारतीय ज्योतिष संस्थान
सम्पुर्ण भू मण्डल में जन्म लेने वाला जातक अपने निज कर्मो के आधार पर निरंतर प्रगति करने का प्रयास करता रहता है नित्य जीवन में सुख समृधि स्वास्थ्य धन वैभव आनंद की कामना करता है किन्तु अथक परिश्रम करने के पश्चात भी अनेको प्रकार से कष्टों को भोगना ही पड़ता है इसका प्रमुख कारण दैवीय प्रकोप के साथ साथ स्वयम के द्वारा किये पूर्व जन्म के कृत्य भी है यही कारण है एक राजा के यहाँ जन्म होने पर भी पूर्व कृत्य के कारण कष्टों को तो भोगना ही पड़ता है वस्तुतः अपने लक्ष्य की प्राप्ति करने हेतु अनेको तंत्र - मन्त्र - यंत्र का सहारा लेना पड़ता है परन्तु निराशा ही हाथ आती है जिसके कारण ही अविश्वास उत्पन्न हो जाता है !
आप निराश न हो क्योकि सत्य मार्ग का ज्ञान न होने के कारण एवं अपूर्ण ज्योतिषीय परामर्श से ही आपको अविश्वास उत्पन्न हुआ है मेरा निज अनुभव कहता है की हमारे ज्योतिष संस्थान के सम्पर्क में आने पर आपके अविश्वास को समाप्त करके निदान अवश्य प्राप्त होगा
उदाहरण = डॉक्टर भी किसी बिमारी को बिना गहन अध्यन के ठीक कर पाने में असमर्थ ही होगा ! रोग की जाँच कर लेने के पश्चात सही उपचार कर पाना संभव हो पाता है ठीक उसी प्रकार जन्म कुण्डली के आधार पर जीवन में घटने वाले शुभ एवं अशुभ घटनाओं को ज्ञात कर उसका सही उपचार के माध्यम से असंभव लगने जैसे लक्ष्य की प्राप्ति सरलता से ही प्राप्त किया जा सका है
भृगु संघिता ज्योतिष ग्रन्थ की रचना मानव मात्र के कल्याणार्थ ही महारिषी भृगु जी द्वारा की गई थी जिसके आधार पर ही हमारे संस्थान के विद्वानों द्वारा भूत काल वर्तमान काल भविष्य काल की सही जानकारी प्रदान करके शुभा शुभ फलादेश का वर्णन कर सत्य मार्ग प्रसस्थ किया जाता है
हमारे संस्थान में शोध के पश्चात ही किसी भी जातक के फलादेश वर्णन द्वारा भूमि भवन ,आय व्यय , धन वैभव विवाह संतान सुख व्यवसाय रोग निर्णय कार्यछेत्र पदोन्नति हानि लाभ भाग्योदय ग्र्हरिस्ट बालारिस्ट बाधाओ एवं देवीय प्रकोप अरिस्ट आदि का वैदिक नियमो द्वारा ही उपचार किया जाता है
लोभ के वश अथवा धनाभिमान वश, विवश करके भृगु संघिता की प्राप्त जानकारी निष्फल ही होगा अतः ऐसे व्यक्तियों से विशेष अनुरोध है की अपना एवं संस्थान का समय नष्ट ना करिए जो की नियमो का उलंघन ही होगा
जन्म कुण्डली बनवाने हेतु अथवा भृगु संघिता द्वारा जानकारी हेतु जन्म समय ,जन्म तिथि ( माह तारीख एवं वर्ष सहित ) जन्म का स्थान माता पिता का नाम प्रमाण पत्र कार्यालय में अंकित करवाए उसी के आधार पर मिलान करवाने के पश्चात आपको सूचित किया जायगा हमारे संस्थान के कुशल एवं विद्वानों के द्वारा हस्त लिखित हिंदी अनुवाद करके फलादेश वर्णन आपको प्रदान कर दी जायेगी एनी ज्योत्षीय परामर्श हेतु आप स्वयम संपर्क कर सकते है
आचार्य विमल त्रिपाठी जी
संपर्क सूत्र = 9335710144
8869994556
