हमे चार ही यजमान कि कामना है जो चार वेद के सामान देदीप्यवान हो|
हमे अट्ठारह भगत कि कामना है जो पुराणों सा स्तवन रखते हो|
हमे तेरह ब्राह्मण कि कामना है जो उपनिषद के वेत्ता हो|हमे सत्य सनातन धर्म को सुव्यवस्थित करने से कोई भी आसुरीय शक्ति नहीं रोक सकती|
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